छोटे और कटे-फटे कपड़े पहन कर मंदिर जाना दरिद्रता का संकेत

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ललितपुर- उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने पर्युषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थ के प्रांगण में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए जीवन में संस्कारों को श्रेयस्कर बताया और कहा ब्रहमचर्य के माध्यम से व्रतों को पालन कर अपने शरीर को मजबूत बनाकर जीवन व्यतीत करे। ब्रहमचर्य में पूरे ब्रहमाण्ड की शक्ति बताते हुए उन्होने कहा खानपान और आचरण से ही जीवन की शुद्धि रहती हैं और अच्छे संस्कार मिलते हैं आचार्य श्री ने श्रावकों को छोटे और फटे कपडे पहनने पर चुटकी लेते हुए कहा जो ऐसा पहनावा पहनकर मंदिर आते हैं वह उनके जीवन में दरिद्रता का संकेत है। अन्तचतुदर्शी को पर्वराज पर्युषण का अन्तिम दिन बताते हुए उन्होने श्रावकों से कहा इस दिन श्रावक व्रत उपवास रखते हैं उनका मन पवित्र रहता है इसलिए अधिक से अधिक परमार्थ के कार्य और दान आदि देना चाहिए। आचार्य श्री के सानिध्य में तत्वार्थ सूत्र का वाचन अनिल जैन अनीता जैन अंचल द्वारा किया गया जिसमें अर्ध समर्पण करने का पुयजन मनोज कुमार संजीव जैन मालथौन, लालचंद गदयाना द्वारा किया गया। धर्म सभा का प्रारम्भ गणाचार्य विरागसागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्जवलित कर श्रेष्ठिजनों ने किया। धर्मसभा का मंगलाचरण कु वेदिका एवं आचार्य श्री के पादप्रक्षालन पुर्ण्योजक अन्तू जैन बंधा परिवार ने किया। इसके पूर्व में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आर्यिका विमल श्री माता जी ने ब्रहमचर्य धर्म को श्रेष्ठ बताते हुए अपने जीवन को संस्कारित बनाने पर बल दिया उन्होने कहा अभिनंदनोदय तीर्थ में एक दूसरे का अभिनंदन कर मिलजुलकर रहने की सीख दी धर्मसभा में आचार्य श्री के अतिरिक्त संघस्थ मुनि विज्ञ सागर महाराज, विदम्बर सागर महाराज मुनि प्रवर सागर महाराज, विनंद सागर महाराज मुनि श्री विनुत सागर महाराज मुनि श्री शुभ सागर महाराज, मुनि श्री विश्वधीर सागर महाराज मुनि श्री विश्वमित सागर महाराज, आर्यिका विमल श्री माता जी. आर्यिका विनेह श्री माता, वितप श्री माता जी, विसम श्री माता जी, विपुल श्री माता जी, विमुद श्री माता जी, विभव्य श्री माता जी विशर्व श्री माता जी, प्रमा श्री माता जी विराजमान रही मूलनायक वेदिका पर ध्वाजारोहण मनोज कुमार विनय जैन जडीबूटी द्वारा किया गया इसके उपरान्त श्री जी का अभिषेक एवं आचार्य श्री के मुखारविन्द से शान्तिधारा हुई जिसमे सौधर्मइन्द्र सुरेशचंद शीलचंद आकाश जैन गैस, सोमचंद संजीव लकी परिवार, माहेन्द्र सुरेश चंद सुनील जैन प्राचार्य, अखिलेश जैन रीतेश रजनीश गदयाना परिवार ने पुर्ण्योजन किया जिसकी अनुमोदना उपस्थित हजारों की संख्या में धर्मालुजनों ने कर गंदोदक ग्रहण किया तदुपरान्त आकाश गैस परिवार ने श्री जी की आरती की।

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