केशरवानी समाज को पिछड़ी जाति में शामिल करने की उठी मांग

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सोनभद्र। केसरवानी जाति को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदेश संगठन के आवाहन पर केसरवानी वैश्य सभा सोनभद्र के जिला अध्यक्ष सुरेश केसरी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम सहदेव मिश्रा को सौंपा। इस दौरान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र केसरी एवं जिला अध्यक्ष सुरेश केसरी ने संयुक्त रूप से बताया कि, केसरवानी जाति की जनसंख्या पूरे भारत में लगभग एक करोड़ से भी अधिक है जो अधिकतर उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य में निवास करते हैं यह जाति शैक्षिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से अत्यंत पिछड़ी हुई है इस समाज के लोगों का विधायिका न्यायपालिका एवं कार्यपालिका आदि में प्रतिनिधित्व नहीं है और लगभग 5% से भी कम लोग राज्य एवं केंद्र सरकार की नौकरियों में है। कहा कि, केसरवानी जाति के लगभग 90% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और आज भी इस जाति के अधिकांश लोग चाट बेचने, चाय बेचने, फेरी लगाने और छोटी-मोटी किराने के दुकान या ठेला लगाने का कार्य करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में तो उनकी और बुरी हालत है। यह जाति सामाजिक हीनता, निर्धनता, निर्बलता से प्रभावित है तथा शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से बहुत ही पिछड़ी हुई है। बताया कि,  केसरवानी समाज के लोगों को भी अगर पिछड़ा वर्ग में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया जाए तो केसरवानी समाज के लोगों का भी चतुर्मुखी विकास होगा।‌ ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के वरिष्ठ संरक्षक  राजाराम केसरी, सोहनलाल लाल केसरी, प्रदेश उपाध्यक्ष रवीन्द्र केसरी, प्रदेश संगठन मंत्री हनुमान दास केसरी, प्रदेश मंत्री  दीपक केसरी, जिला कोषाध्यक्ष गोविंद केसरी, कन्हैया केसरी, विवेक केसरी एवं हर्षवर्धन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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