मांगों को लेकर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने किया धरना प्रदर्शन

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सोनभद्र।  उत्तर प्रदेशीय जुनियर हाई स्कूल(पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय राबर्ट्सगंज पर धरना  एवं माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश को नामित ज्ञापन खण्ड शिक्षाधिकारी को कमलेश सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष राबर्ट्सगंज, मण्डल उपाध्यक्ष विंध्याचल मण्डल) के नेतृत्व में दिया गया ।धरने जो सम्बोधित करते हुए  उन्होंने कहा कि, महानिदेशक महोदय स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश द्वारा लगातार बेसिक शिक्षा में प्रयोग के नाम पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों को प्रताड़ित करने का कार्य कर रहे हैं एवं जबरदस्ती प्रदेश के बेसिक शिक्षकों पर मनमाने आदेश थोपने की कोशिश कर रहे हैं।कोई भी नियम/परिवर्तन/संशोधन बेसिक शिक्षा परिषद की बैठक में पारित किया जाना चाहिये परन्तु ऐसा नही कर रहे हैं।10 नवम्बर 2023 को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शिक्षकों को अपनी निजी मोबाइल, निजी सिम, निजी आई डी, निजी डेटा से 08:45 से 09 बजे प्रातः के मध्य ऑनलाइन उपस्थिति मय फेस के देने के निर्देश दिए गए हैं।इस प्रकार के नियम विरुद्ध आदेशों से प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षक आक्रोशित है। महोदय को बेहद कठिन एवं दूरस्थ क्षेत्रों में धरातल पर जाकर बच्चों के अभिभावकों एवं कार्य कर रहे शिक्षकों की कठिनाइयों को भी देखना होगा। वहाँ की भौगोलिक स्थिति, आवागमन की समस्या, वर्षा के दिनों में नदियों को नाव से पार करना, ट्रैफिक जाम आदि की समस्या। ऐसी स्थिति में यदि शिक्षक निर्धारित समय से एक मिनट भी देर पहुँचता है तो वह अनुपस्थित हो जाएगा ये कहाँ तक न्याय संगत है। इसके इतर उत्तर प्रदेश के किसी भी विभाग में किसी भी कर्मचारी, अधिकारी की उपस्थिति ऑनलाइन नहीं ली जा रही है तो बेसिक के शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति क्यों? साथ ही दूसरी तरफ महानिदेशक महोदय प्रदेश के बेसिक शिक्षकों की न्यायोचित किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं और ना ही सरकार के सम्मुख प्रस्तुत कर रहे हैं। शिक्षकों की पदोन्नति जनपद के अंदर स्थानांतरण विगत विगत 8- 10 वर्षों से नहीं हुआ। 17140- 18150 की वेतन विसंगति 15 वर्षों से दूर नहीं की गई जिससे प्रदेश के 40000 शिक्षक प्रभावित है। वर्षों से प्रोन्नति वेतनमान शिक्षकों को ना दिया जाना, शिक्षण कार्य के अतिरिक्त तमाम गैर शैक्षणिक कार्य शिक्षकों से करवाना, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि न करना न्याय संगत नहीं है। ऐसी स्थिति में हम प्रदेश के सभी शिक्षकों का अपने प्रदेश के मुखिया आदरणीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि, महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश द्वारा निर्गत नियम विरुद्ध आदेशों को निरस्त करने हेतु निर्देश देने का कष्ट करें तथा शिक्षकों की सभी न्यायोचित समस्याओं का बिंदुवार समाधान करने हेतु भी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करने का कष्ट करें।

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